Wednesday, August 6, 2025

सांसारिक (worldly)


एक सज्जन थे ,कर्तव्य निष्ठ धर्म कर्म को मानने वाले, सज्जन सरल धार्मिक परंतु अपने कामों से थोड़ा उदास रहते थे। एक दिन एक ग्राहक उनके पास आया बोला मैं मुरली मनोहर, भोले राम ने मुझे भेजा है ,जो मांगना है मांग लो।

इस पर सज्जन सोचते हैं, ग्राहक तो सही है न, कपड़े व वेशभूषा भी ठीक-ठाक है। कहीं ये बावला तो नहीं, इसकी मती तो नहीं मारी गई है। बता दो ये लेने आया है या देने। चल चल ,ओ हो । जो भी हो मुझे अपने सौदों से मतलब है।रुको रुको।


सज्जन बोलते हैं, महोदय ये मेरी चांदी की लुटिया नहीं बिक रही ,उसका कारण इसमें नक्काशी में छोटा सा दाग है। कृपया आप इसे खरीद लीजिए।

लेखक:- तुच्छ सांसारिक___रविकांत यादव ।




















तेजी क्रेजी (boost your computer speed with safest way )

वैसे तो कंप्यूटर में प्रॉसेसर को उसका दिमाग माना जाता है । वर्तमान में i9 प्रोसेसर चल रहा है । व रैम जो इसे तेजी से क्रियान्वित करता है । वर...